इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेले गए तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 9 विकेट से हरा दिया। 2021 के बाद यह पहली बार है कि पाकिस्तान ने अपने घर में कोई टेस्ट सीरीज़ जीती है। पहले टेस्ट में मिली शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान ने टीम में बदलाव किए, जिसमें साजिद खान और नोमान अली को शामिल किया गया। इन दोनों गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दोनों पारियों में कुल 20 में से 19 विकेट चटकाए, जिससे वे पाकिस्तान टीम के लिए हुकुम के इक्के साबित हुए। 2015 के बाद यह पहली बार हुआ कि पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ कोई टेस्ट सीरीज़ अपने नाम की।
तीसरे दिन का खेल शुरू होते ही इंग्लैंड की विकेटें ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगीं। इंग्लैंड के बल्लेबाज रूट, ब्रूक और स्टोक्स भी पाकिस्तान की स्पिन गेंदबाज़ी का सामना नहीं कर सके। रूट ने 33, ब्रूक ने 26, और स्टोक्स ने 3 रन बनाए और फिर पवेलियन लौट गए। इंग्लैंड की पूरी टीम सिर्फ 112 रनों पर सिमट गई, जिससे पाकिस्तान को जीत के लिए 36 रनों का मामूली लक्ष्य मिला। पाकिस्तान ने यह लक्ष्य केवल एक विकेट खोकर आक्रामक अंदाज में हासिल कर लिया।
पाकिस्तान के कप्तान शान मसूद ने केवल 6 गेंदों पर 23 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाई। इस मैच में पाकिस्तान की ओर से साजिद खान ने 4 और नोमान अली ने 6 विकेट लिए। यह 1995 के बाद पहली बार था कि पाकिस्तान ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ में पहला टेस्ट हारकर भी पूरी सीरीज़ अपने नाम कर ली। सऊद शकील को उनकी पहली पारी में 134 रनों की यादगार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला, जिसने इंग्लैंड को बैकफुट पर ढकेल दिया। साजिद खान को प्लेयर ऑफ द सीरीज़ का खिताब दिया गया।
रावलपिंडी में खेला गया यह टेस्ट मैच पाकिस्तान ने केवल 3 दिन में ही खत्म कर एक नया रिकॉर्ड बनाया। इस सीरीज़ में स्पिनर्स ने कुल 73 विकेट लिए, जो कि एक नया रिकॉर्ड है। शान मसूद की कप्तानी में पाकिस्तान ने यह सीरीज़ जीतकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।